कोरोना वायरस संकट को देखते हुए सरकार ने टैक्सपेयर्स को दी यह बड़ी राहत, जाने क्या

 कोरोना वायरस संकट को देखते हुए सरकार ने टैक्सपेयर्स को दी यह बड़ी राहत, जाने क्या

 कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट को देखते हुए सरकार ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। आयकर डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने वित्त साल 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) भरने की तारीख को बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया है।

 आयकर डिपार्टमेंट ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। इससे पहले, सरकार ने वित्त साल 2018-19 का आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को एक महीने व बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 करने की घोषणा की थी।  सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने एक अधिसूचना के जरिये साल 2019- 20 के दौरान कर छूट पाने के वास्ते विभिन्न वित्त साधनों में निवेश की समयसीमा को भी एक माह आगे बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 कर दिया है।

इनकम कर रिटर्न फॉर्म 1 से 7 जारी
CBDT ने हाल ही में आकलन साल (AY) 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म 1 से 7 को भी अधिसूचित किया है। हालांकि, आयकर रिटर्न फाइल करने की सुविधा वर्तमान में केवल उन्हीं लोगों के लिए उपलब्ध है जो आकलन साल 2020-21 के लिए ITR 1, ITR 2 व ITR 4 फाइल करना चाहते हैं। आयकर विभाग ने बताया कि आकनल साल 2020-21 के लिए ITR 1, ITR 2 व ITR 4 ई-फाइलिंग के लिए उपलब्ध है जिसे एक्सल या जावा यूटिलिटी के डाउनलोड किया जा सकता है व दूसरे आईटीआर जल्द उपलब्ध होंगे।

आयकर रिटर्न में कर छूट क्लेम करने के लिए जीवन इंश्योरेंस, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स (ELSS) जैसे निवेश कर सकते हैं। आयकर डिपार्टमेंट ने फिस्कल ईयर 2019-2020 के लिए TDS/TCS स्टेटमेंट्स पूरा करने की आखिरी तारीख भी बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी है।

20 लाख टैक्सपेयर्स को जारी हुआ 62 हजार करोड़ रुपये का रिफंड
आयकर डिपार्टमेंट ने आठ अप्रैल से 30 जून के दौरान 20 लाख से अधिक करदाताओं (Taxpayers) को 62,361 करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी किया है। इसमें 19.07 लाख करदाताओं को 23,453.57 करोड़ रुपये का पर्सनल इनकम टैक्स (Personal IT) रिफंड जारी किया गया। वहीं इस अवधि में 1.36 लाख कॉरपोरेट करदाताओं (Corporate Taxpayers) को 38,908.37 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया।

नए आयकर नियम के तहत अब इन पर नहीं मिलेगी कोई छूट
जिन लोगों ने नए आयकर स्लैब (New Tax Slab) को चुना है उनके लिए आयकर का ये रूल (Tax Rules Changed) बदल गया है। नियोक्ता द्वारा प्रदान किए गए मुफ्त भोजन पर छूट का दावा करने के लिए नियमों में परिवर्तन किया है। एक अधिसूचना में, इनकम टैक्स विभाग ने बोला है कि धारा 115BAC के तहत नए कर स्लैब का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को भोजन कूपन या वाउचर पर कर छूट का फायदा नहीं मिलेगा।