सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी आईओसी ने पेट्रोल व डीज़ल की कीमतों मे किया यह परिवर्तन 

 सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी आईओसी ने पेट्रोल व डीज़ल की कीमतों मे किया यह परिवर्तन 

पेट्रोल व डीजल (Petrol-Diesel Prices Today) की कीमतों में जारी तेजी थम गई है। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी आईओसी (IOC-Indian Oil Corporation Limited) ने मंगलार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल व डीज़ल की कीमतों (Petrol Prices) में कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्णय किया है। 

वहीं, इससे पहले सोमवार को पेट्रोल 5 पैसे प्रति लीटर व डीजल (Diesel Prices) 13 पैसे प्रति लीटर तक महंगे हो गए थे। मंगलवार को राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के लिए 80.43 रुपए पर स्थिर है। वहीं एक लीटर डीजल के लिए 80.53 रुपए खर्च करने पड़ेंगे।

जानें देश के बड़े शहरों में आज के पेट्रोल-डीज़ल के नए दाम (Petrol Price on 30 June 2020)

दिल्ली- पेट्रोल 80.43 रुपये व डीज़ल 80.53 रुपये लीटर है।
नोएडा- पेट्रोल 81.08 रुपये व डीज़ल 72.59 रुपये लीटर है।

गुरुग्राम- पेट्रोल 78.64 रुपये व डीज़ल 72.77 रुपये लीटर है।
लखनऊ- पेट्रोल 80.98 रुपये व डीज़ल 72.49 रुपये लीटर है।
पटना- पेट्रोल 83.31 रुपये व डीज़ल 77.40 रुपये लीटर है।
भोपाल- पेट्रोल 88.08 रुपये व डीज़ल 79.95 रुपये लीटर है।
जयपुर- पेट्रोल 87.57 रुपये व डीज़ल 81.32 रुपये लीटर है।
चंड़ीगढ़- पेट्रोल 77.41 रुपये व डीज़ल 71.98 रुपये लीटर है।
मुंबई- पेट्रोल के दाम 87.19 रुपये व डीज़ल 78.83 रुपये लीटर है।
कोलकाता- पेट्रोल 82.10 रुपये व डीज़ल 75.64 रुपये लीटर।
चेन्नई- पेट्रोल 83.63 रुपये व डीज़ल के दाम 77.72 रुपये लीटर है।

कब सस्ता होगा पेट्रोल-केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोला कि संसार व देश की अर्थव्यवस्था मौजूदा समय में चुनौती के दौर से गुजर रही है। कोरोना वैश्विक महामारी के कारण संसार में ऑयल व गैस इंडस्ट्री भी मांग व आपूर्ति के विचित्र संकट से गुजर रही है। लॉकडाउन की वजह से अप्रैल व मई में पेट्रोल व डीजल की मांग में करीब 70 प्रतिशत कम आई। जून में आर्थिक हलचल बढ़ने के साथ धीरे-धीरे मांग वापस आ रही है।

ऐसे में पेट्रोल-डीजल की दरों में हुई हालिया वृद्धि का बेहद प्रभाव आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी बोला कि जब घर परिवार में संकट आता है तो आदमी बड़े संयम से आर्थिक संसाधनों का प्रबंधन करता है। भविष्य की चुनौतियों से निपटने की भी तैयारी की जाती है, ऑयल की कीमतों में वृद्धि को इसी नजरिए से देखना चाहिए।

उन्होने बोला जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे ऑयल के दाम स्थिर हो जाएंगे। वैसे ही पेट्रोलियम कंपनियां भी कीमतें स्थिर कर सकती है।