12वीं किस्त जारी करने से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा

12वीं किस्त जारी करने से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा

नई दिल्ली : FRP for Sugarcane: 12वीं किस्त (केंद्र गवर्नमेंट द्वारा 12वीं किस्त) जारी करने से पहले केंद्र गवर्नमेंट ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए मोदी गवर्नमेंट ने गन्ने के मूल्य में 2.6 फीसदी की वृद्धि की है और अब किसानों को अगले चीनी सीजन में गन्ने पर 15 रुपये प्रति क्विंटल अधिक भुगतान किया जाएगा इससे गन्ना किसानों की आय बढ़कर उनकी लागत से लगभग दोगुनी हो जाएगी. किसानों की आय बढ़ाने के लिए गवर्नमेंट ने एक और बड़ा निर्णय लिया है पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गन्ने का उचित और फायदेमंद मूल्य (FRP) 15 रुपये बढ़ाकर 305 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. यानी अब किसानों के खाते में उनकी लागत से दोगुना पैसा आएगा

सरकार ने किया बड़ा ऐलान

कैबिनेट में गवर्नमेंट ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफआरपी में वृद्धि किया है. दरअसल एफआरपी वह मूल्य होती है, जिससे कम मूल्य पर किसानों को भुगतान नहीं किया जा सकता है. यानी इसके अनुसार अब किसानों को गन्ने पर 305 रुपये प्रति क्विंटल का गारंटीड मूल्य मिलेगा

यह मूल्य चीनी सत्र 2022-23 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए लागू की गई है. उपभोक्ता मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 10.25 फीसदी से अधिक की एफआरपी वसूली में प्रत्येक 0.1 फीसदी की वृद्धि पर 3.05 रुपये प्रति क्विंटल का प्रीमियम भी दिया जाएगा, जबकि वसूली में प्रत्येक 0.1 फीसदी की कमी पर एफआरपी में 3.05 रुपये की कमी की जाएगी. इतना ही नहीं गवर्नमेंट की ओर से बोला गया है कि चीनी मिलों के मुद्दे में रिकवरी दर 9.5 प्रतिशत से कम होने पर कोई कटौती नहीं की जाएगी

खाते में आएगा दोगुना पैसा!

मंत्रालय ने बोला कि चीनी सीजन 2022-23 में गन्ना उत्पादन की लागत 162 रुपये प्रति क्विंटल होने का अनुमान है, जबकि किसानों को 305 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएगा, जो उनकी उत्पादन लागत से 88 फीसदी अधिक हैयानी इससे किसानों के खाते में दोगुना पैसा आने लगेगा. चालू चीनी सीजन में गन्ने का रेट 290 रुपये प्रति क्विंटल है. और अब एफआरपी बढ़ने से गन्ना किसानों की आय लगभग दोगुनी हो जाएगी.

आठ वर्ष में एफआरपी 34 प्रतिशत बढ़ा

किसानों की आय बढ़ाने को लेकर केंद्र गवर्नमेंट कितनी सजग है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोदी गवर्नमेंट ने पिछले आठ वर्ष में गन्ने के गारंटी मूल्य में 34 प्रतिशत की वृद्धि की हैसाथ ही, आनें वाले चीनी सीजन में मिलों द्वारा लगभग 3,600 लाख टन गन्ने की खरीद की आसार है. ऐसे में अगले सत्र में किसानों को करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा यानी किसानों की आय एक बार फिर बढ़ेगी.

किसानों को बंपर लाभ

सरकार ने बोला है कि गन्ने के मूल्य बढ़ाने के साथ ही हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसानों को उनका भुगतान समय पर हो आपको बता दें कि गवर्नमेंट के इस निर्णय से राष्ट्र के 5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ होगा साथ ही चीनी मिलों में काम करने वाले 5 लाख कामगारों को भी इसका लाभ मिलेगा