कोरोना वायरस महामारी के बीच केन्द्र सरकार ने पैसों से जुड़ी इन डेडलाइंस को बढ़ाया, जाने खबर

 कोरोना वायरस महामारी के बीच केन्द्र सरकार ने पैसों से जुड़ी इन डेडलाइंस को बढ़ाया, जाने खबर

 कोरोना वायरस महामारी के बीच केन्द्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण डेडलाइंस को एक बार फिर 30 जून से आगे बढ़ा दिया है। इसमें वित्त साल 2019 के लिए आयकर रिफंड दाखिल करने से लेकर स्मॉल सेविंंग्स स्कीम्स में सालाना डिपॉजिट व पैन-आधार लिंकिंग की डेडलाइन भी शामिल है।

 हालांकि, इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे चीजें हैं जो 1 जुलाई से बदल जाएंगी। ऐसे में अगर आपने इनपर ध्यान नहीं दिया तो आपको नुकसान होने कि सम्भावना है। आइए जानते हैं कि कल से आपके पैसों से जुड़ी कौन सी चीजें बदल जाएंगी।

1. एटीएम विड्रॉल चार्ज: लॉकडाउन के तुरंत बाद केन्द्र सरकार ने एटीएम से कैश विड्रॉल (ATM Withdrawal Charge) पर लगने वाले चार्ज से राहत दी थी। वित्त मंत्री ने बोला कि डेबिट कार्ड होल्डर्स तीन महीनों के लिए किसी भी बैंक के एटीएम से कैश विड्रॉल कर सकते हैं।

 इसके लिए उन्हें कोई चार्ज नहीं देना होगा। वित्त मंत्रालय ने इसकी डेडलाइन 30 जून 2020 रखी थी। ऐसे में 1 जुलाई के बाद यह छूट समाप्त हो जाएगी। अगर आप अपने बैंक के अतिरिक्त किसी अन्य बैंक के एटीएम से ट्रांजैक्शन करते हैं तो एक तय लिमिट के बाद आपको चार्ज देना होगा।

आमतौर पर कोई भी बैंक एक महीने में 5 बार फ्री में लेनदेन करने की सुविधा देते हैं। अन्य बैंकों के एटीएम के लिए यह लिमिट 3 बार की ही होता है। इस लिमिट से ज्यादा बार एटीएम ट्रांजैक्शन करने के लिए बैंक ग्राहकों से 8 से 20 रुपये तक का अलावा चार्ज वसूलते हैं। यह चार्ज इस बात पर भी निर्भर करता है कि ग्राहक ने कितनी रकम का लेनदेन किया है। 

2. एक जुलाई के बाद किसी भी बैंक एकाउंट (Savings Bank Account) में औसत न्यूनतम बैलेंस नहीं रहता है तो बैंक इसपर पेनाल्टी वसूल सकेगा। हर बैंक अपने हिसाब से न्यूनतम बैलेंस तय करता है। इन औसत रकम को हर महीने एकाउंट में मेंटेन करना होता है। ऐसा नहीं करने पर बैंक ग्राहकों से पेनाल्टी वसूलता है। लेकिन, अब तक इस छूट को जून से आगे बढ़ाने के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

हालांकि, केन्द्र सरकार के ऐलान के पहले ही भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने बोला था कि वो सभी सेविंग्स बैंक एकाउंट पर औसत न्यूनतम बैलेंस की बाध्यता को समाप्त कर रहा है। प्राइवेट सेक्टर के दो बड़े बैंकों की बात करें तो HDFC Bank व ICICI Bank मिनिमम बैलेंस जरूरी रखते हैं। ऐसा नहीं करने पर ग्राहकों से एक तय चार्ज वूसला जाता है।

3. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएफ एकाउंट होल्डर्स को अपने एकाउंट से एक तय रकम निकालने की छूट दी थी। इसकी डेडलाइन 30 जून को समाप्त हो रही है। ऐसे में एक जुलाई के बाद आप पीएफ एडवांस क्लेम नहीं कर सकेंगे। हालांकि, पीएफ क्लेम के लिए कोविड—19 के पहले नियम और योग्यता के तहत पैसे निकाला जा सकता है।

4. सर्विस कर (Service tax) व केन्द्रीय उत्पाद शुल्क से जुड़े पुराने लंबित विवादित मामलों के निवारण के लिए पेश की गई ‘सबका विश्वास योजना’ का भुगतान की डेडलाइन 30 है। 1 जुलाई से आप इस स्कीम का फायदा नहीं ले पाएंगे। बता दें कि सबका विश्वास' स्कीम (Sabka Vishwas Scheme) कर टकराव (Tax Issue) की हर दिक्कतों का निवारण है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 जून के बाद वो इस स्कीम की डेडलाइन नहीं बढ़ाएगी।

5. 1 जुलाई से नयी कंपनी प्रारम्भ करना बहुत सरल हो जाएगा। घर बैठे सिर्फ आधार के जरिये कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। सरकार ने सेल्फ डिक्लरेशन (स्व-घोषणा) के आधार पर कंपनी के औनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए नए दिशानिर्देश जारी कर दिये हैं। नए दिशानिर्देश एक जुलाई 2020 से प्रभावी होंगे। अभी कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कई तरह के दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। पोर्टल की जानकारी एक जुलाई 2020 से पहले सार्वजनिक कर दी जायेगी। सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय ने एक जून 2020 को निवेश एवं कारोबार के आधार पर एमएसएमई के वर्गीकरण के नये मानदंडों की अधिसूचना जारी की थी। नये मानदंड एक जुलाई 2020 से प्रभावी होने वाले हैं।