दिसंबर तक रनवे पर लौट आएगा हवाई ट्रैफिक, इस बड़ी एयरलाइन ने जताई उम्‍मीद

दिसंबर तक रनवे पर लौट आएगा हवाई ट्रैफिक, इस बड़ी एयरलाइन ने जताई उम्‍मीद

प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) आगामी त्योहारी सीजन के साथ-साथ दिसंबर 2021 तक संभावित रूप से पूर्व-कोविड यातायात स्तर तक पहुंचने के लिए क्षमता वृद्धि पर उत्साहित है। इसके अलावा, एयरलाइन का मानना है कि आर्थिक बदलाव, कोविड 2.0 का प्रभाव और त्वरित टीकाकरण अभियान यातायात बढ़ोतरी को और बढ़ाएगा। बाजार हिस्सेदारी के मामले में भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ रोनोजॉय दत्ता के अनुसार त्योहारों के मौसम के लिए मेरी उम्मीदें बहुत तेज हैं और मुझे लगता है कि हमारे पास छुट्टियों का मौसम बहुत अच्छा होगा।

परंपरागत रूप से, भारत में त्योहारी सीजन उच्च हवाई यातायात बढ़ोतरी की शुरुआत करता है। इस साल यह अक्टूबर से शुरू होकर नवंबर के मध्य तक चलेगा। मेरा अनुमान है कि दिसंबर तक हम घरेलू स्तर पर पूर्व-कोविड स्तरों पर वापस आ जाएंगे।

अभी तक हम कोविड से पहले की संख्या से काफी नीचे हैं। कोविड से पहले, हम एक दिन में लगभग 1,500 प्रस्थान करते थे। हालांकि यह अब 1,100 हो गया है, हम अभी भी कोविड से पहले की संख्या से काफी नीचे चल रहे हैं।

दत्ता ने कहा कि कंपनी जल्द ही 100 प्रतिशत घरेलू क्षमता प्राप्त करने के लिए केंद्र के संपर्क में है। उन्होंने कहा-मुझे लगता है, हमें जल्द ही 100 प्रतिशत मिल जाएगा और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय परिचालन को फिर से शुरू करने की अनुमति भी मिल जाएगी। अगले साल के जुलाई तक हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पूर्व-कोविड स्तरों पर ठीक हो जाना चाहिए था। वर्तमान में, केंद्र ने एयरलाइंस को सीमित घरेलू परिचालन क्षमता को 85 प्रतिशत तक तैनात करने की अनुमति दी है।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि रुकी हुई मांग अब अधिक स्थायी और अनुमानित हो गई है जिससे विकास को गति मिलने की उम्मीद है। पिछले साल इस अवधि के लिए कोई उड़ान नहीं थी, परिणामस्वरूप मांग में भारी वृद्धि हुई थी, लेकिन यह धीरे-धीरे समाप्त हो गया।

उन्होंने कहा क‍ि अब, मुझे नहीं लगता कि यह मांग में कमी है, लेकिन मांग में क्रमिक वृद्धि है। महामारी की प्रगति पर, दत्ता ने कहा कि मौजूदा स्थितियां स्थिर हैं, लेकिन नए वेरिएंट को लेकर आगाह रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि अगर आप दुनिया भर में देखें, तो इस डेल्टा संस्करण ने स्पष्ट रूप से कई देशों में तबाही मचाई है। किसी तरह, हम सबसे आगे हैं क्योंकि हम पहले हिट हुए थे। इसलिए वे दूसरे देशों में जो कहर देख रहे हैं, हमने पहले ही मई में इसका अनुभव कर चुके हैं। तो कुछ हद तक, मुझे लगता है कि यह हमारे पीछे है।

उन्होंने कहा कि अभी के लिए चीजें काफी स्थिर दिख रही हैं। वर्तमान में, कंपनी के पास 270 से अधिक विमानों का बेड़ा है। यह 70 घरेलू और 24 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ने वाली प्रतिदिन लगभग 1,100 उड़ानें संचालित करता है।


Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla Inc (टेस्ला इंक) ने भारतीय मार्केट में एंट्री करने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात करों को कम करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के ऑफिस से निवेदन किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया, टेस्ला ने कुछ भारतीय वाहन निर्माताओं की आपत्तियों को खारिज कर दिया. टेस्ला इस वर्ष हिंदुस्तान में आयातित कारों की बिक्री प्रारम्भ करना चाहती है. लेकिन उनका बोलना है कि हिंदुस्तान में कर दुनिया में सबसे अधिक हैं.


टेस्ला ने कर कटौती के लिए सबसे पहले जुलाई में निवेदन किया था. जिस पर देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई लोकल कंपनियों ने असहमति जताई थी. इनका बोलना है कि इस तरह के कदम से घरेलू मैन्युफेक्चरिंग में निवेश बाधित होगा. 

हिंदुस्तान में टेल्सा के नीति प्रमुख मनुज खुराना सहित कंपनी के ऑफिसरों ने पिछले महीने एक बंद दरवाजे की मीटिंग में कंपनी की मांगों को मोदी के ऑफिसरों के सामने रखा, और यह तर्क दिया कि कर बहुत अधिक हैं. इस चर्चा से परिचित चार सूत्रों ने यह बताया. 

तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.
एक सूत्र के अनुसार, मोदी के ऑफिस में मीटिंग के दौरान, टेस्ला ने बोला कि हिंदुस्तान में शुल्क संरचना देश में उसके कारोबार को "व्यवहार्य प्रस्ताव" नहीं बनाएगी.

हिंदुस्तान 40,000 US डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60 फीसदी का आयात शुल्क और 40,000 US डॉलर से अधिक मूल्य वाले वाहनों पर 100 फीसदी शुल्क लगाता है. विश्लेषकों ने बोला है कि इन दरों पर टेस्ला की कारें खरीदारों के लिए बहुत महंगी हो जाएंगी और उनकी बिक्री को सीमित कर सकती हैं. 
तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.