सूर्य के खत्‍म होने की तारीख आ गई, ESA ने लगाया अनुमान

सूर्य के खत्‍म होने की तारीख आ गई, ESA ने लगाया अनुमान
सूर्य (Sun) हमारे सौर मंडल का सबसे अहम खिलाड़ी है. पृथ्‍वी समेत हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं. यह सिलसिला अरबों सालों से कायम है और पृथ्‍वी पर जीवन की मौजूदगी में भी सूर्य की महत्‍वपूर्ण किरदार है. पहले भी यह प्रश्न हमने पढ़ा और सुना है कि सूर्य एक दिन खत्‍म हो जाएगा. लेकिन क्‍या इसका कोई परफेक्ट समय हो सकता है? सूर्य के मरने के बाद हमारे सौर मंडल का क्‍या होगा? पृथ्‍वी का क्‍या होगा? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं, जिनका उत्तर देने की प्रयास यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी यानी ESA ने की है.  

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बताते हैं कि सूर्य अपने मध्‍य युग में पहुंच गया है. यानी  इसने अपनी जीवन का आधा समय पूरा कर लिया है. तो क्‍या यह जल्‍द खत्‍म हो सकता है. आधी उम्र पार करने का अर्थ यह बिलकुल नहीं है कि सूर्य बहुत जल्‍द खत्‍म होने वाला है. दरअसल सूर्य की उम्र अभी करीब 4.57 अरब वर्ष है. इसका मतलब है कि सूर्य अभी कई अरब वर्ष तक हमारे सौर मंडल में उपस्थित ग्रहों को रोशन करता रहेगा. 

वैज्ञानिक बताते हैं कि हमारे सौर मंडल का यह सबसे बड़ा तारा एक दिन खत्‍म हो जाएगा. तब उसका कोर हाइड्रोजन से बाहर निकल जाएगा. यह एक तरह की प्रक्रिया होगी, जिसके बाद सूर्य अपने तापमान को कम करेगा और एक विशालकाय लाल तारे का रूप ले लेगा. हालांकि यह एक लंबी प्रक्रिया होगी. आंकड़े बताते हैं कि जब सूर्य 8 अरब वर्ष पुराना हो जाएगा, तब वह ठंडा होगा. इस हिसाब से सूर्य अभी भी करीब 3 अरब वर्ष तक हमारी पृथ्‍वी पर जीवन की आशा बनकर चमकता रहेगा. 

हालांकि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का बोलना है कि खत्‍म होने के बाद सूर्य एक मंद सफेद तारा बन सकता है, जो बाकी तारों की तरह ही होगा. सूर्य के खत्‍म होने का मतलब होगा कि पृथ्‍वी पर भी जीवन अपने विनाश की ओर बढ़ जाएगा. जानकारों का बोलना है कि सूर्य के मरने पर पृथ्‍वी पर जीवन नामुमकिन हो जाएगा. पेड़-पौधे मर जाएंगे. उन जीवों की भी मृत्यु हो जाएगी, जो पौधों पर निर्भर हैं. इससे जीवों और खाने की पूरी श्रृंखला पर असर होगा. पृथ्‍वी पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुंचने से वातावरण दूषित होगा. भयानक ठंड पड़ेगी और आदमी के जीना कठिनाई हो जाएगा. 

हालांकि ऐसा होने में अभी अरबों वर्ष हैं, इसलिए आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है. विज्ञान प्रगति कर रहा है. हो सकता है कि हमारे वैज्ञानिक पृथ्‍वी जैसा कोई और ग्रह खोजने में सफल हो जाएं, जहां जीवन संभव हो.