अनिल अंबानी की कंपनी का बिकेगा हेडक्वार्टर

अनिल अंबानी की कंपनी का बिकेगा हेडक्वार्टर

कर्ज के जाल में फंसे अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के नवी मुंबई स्थित हेडक्वार्टर को बेचने की तैयारी चल रही है. इस हेडक्वार्टर को बेचने के लिए ऋणदाता मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित टॉप भारतीय कॉरपोरेट्स और रियल एस्टेट डेवलपर्स से संपर्क करने की योजना बना रहे हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बोला गया है कि ऋणदाता को नवी मुंबई के 56 हेक्टेयर संपत्ति बेचकर 8,000 करोड़ रुपये मिलने की आशा है. 

संपत्ति बेचने की प्रक्रिया शुरू: इस बीच, दिवालिया रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) की दो सहायक कंपनी- रिलायंस रियल्टी लिमिटेड (आरआरएल) और कैंपियन प्रॉपर्टीज लिमिटेड (सीपीएल) ने संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है. बिकने वाली संपत्तियों में धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (डीएकेसी) परिसर भी शामिल है. इन दोनों कंपनियों के निदेशक मंडल ने संपत्ति बिक्री को स्वीकृति दे दी है.

3,720 करोड़ किए हैं जमा: हाल ही में मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस Jio की सब्सिडयरी ने RCom की सहायक कंपनी इन्फ्राटेल के मोबाइल टावर और फाइबर एसेट का अधिग्रहण करने के लिए 3,720 करोड़ रुपये जमा किए हैं. जियो ने नवंबर 2019 में अनिल अंबानी के प्रबंधन वाली फर्म रिलायंस कम्युनिकेशंस की ऋण में डूबी सहायक कंपनी की टावर और फाइबर एसेट का अधिग्रहण करने के लिए सबसे अधिक बोली लगाई थी.

आपको बता दें कि RCom करीब 5 साल से अधिक समय से कॉर्पोरेट दिवाला निवारण के दौर से गुजर रही है. कंपनी को मई 2018 में दिवालियापन अदालतों में भेजा गया था और 2019 में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के अनुसार इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया प्रारम्भ की गई थी.