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अब विदेश में बढ़ा बायजू का संकट

Byju crisis: मुश्किलों में घिरे एडुटेक बायजू को अमेरिका की न्यायालय से झटका लगा है न्यायालय ने बायजू की पैरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट को 533 मिलियन $ फ्रीज करने के लिए बोला है हालांकि, न्यायालय ने 1.2 अरब $ का टर्म लोन देने वाले कर्जदाताओं की वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें 533 मिलियन $ जमा करने का आदेश देने का निवेदन किया गया था ऋणदाताओं का दावा है कि बायजू की अमेरिकी इकाई ने ऋण की राशि को कथित तौर पर किसी अज्ञात जगह पर रखा है कर्जदाताओं के समूह ने बोला कि न्यायालय ने पाया कि बायजू रवींद्रन और दिव्या गोकुलनाथ प्रतिवादियों-रिजू रवींद्रन, इंस्पिलर्न एलएलसी और कैंमसॉफ्ट कैपिटल फंड के साथ मिलकर काम कर रहे हैं

कंपनी ने क्या कहा
बायजू ब्रांड का स्वामित्व रखने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न ने बोला कि आदेश में यथास्थिति बनाए रखने के लिए बोला गया है और 533 मिलियन $ की धनराशि सहायक कंपनी में सुरक्षित जमा रहेगी

एक वर्ष से टकराव सुलझाने की कोशिश
एडुटेक फर्म द्वारा शर्तों के कथित उल्लंघन के बाद बायजू और ऋणदाता समूह लगभग एक वर्ष से मुद्दे को सुलझाने की प्रयास कर रहे हैं इसमें वित्तीय साल 2022 के लिए ऑडिट किए गए वित्तीय रिज़ल्ट प्रस्तुत करने में देरी भी शामिल है बायजू ऋण चुकाने के लिए एपिक और ग्रेट लर्निंग जैसी ग्रुप संपत्तियों को बेचने की प्रयास कर रहा है

संकट में है कंपनी
बता दें कि बायजू संकट घिरी है लंबे समय से कंपनी के मैनेजमेंट और निवेशकों के बीच टकराव चल रहा है वहीं, कंपनी फंड संकट से जूझ रही है इस वजह से कर्मचारियों को समय पर सैलरी मिलने में परेशानी हो रही है इस पर बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन ने बोला था कि कुछ निवेशकों के साथ कानूनी टकराव के चलते राइट इश्यू की राशि अलग खाते में बंद होने के कारण कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन समय से नहीं दे पाएगी

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