नालंदा में सड़क दुर्घटना में वार्ड सदस्य और उसके साथी की मौत, पूर्व मुखिया पर परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

नालंदा में सड़क दुर्घटना में वार्ड सदस्य और उसके साथी की मौत, पूर्व मुखिया पर  परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

बिहार के नालंदा (Nalanda Bihar) के नूरसराय थाना इलाके के बिहारी मकनपुर छिलका के समीप बुधवार की देर शाम सड़क हादसे में जख्मी वार्ड सदस्य की मौत इलाज के दौरान हो गई. मृतक जगदीशपुर तियारी गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद का 48 वर्षीय पुत्र रंजीत कुमार हैं. वार्ड सदस्य की मौत के बाद परिजन इसे चुनावी रंजिश में हत्या बता रहे हैं.

परिजनों के हत्या की आरोप के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है. मृतक के भाई ने आरोप लगया है कि उनके भाई को जानबूझकर ट्रक से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई. दुर्घटना बुधवार को हुआ था. जब वार्ड सदस्य रंजीत कुमार उदय कुमार के साथ कहीं से आ रहे थे. इसी दौरान पीछे से आ रही एक ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी. जिसके बाद उदय कुमार की मौत हो गई थी. वहीं रंजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद अस्पताल में उनका इलाज कराया जा रहा था. जहां गुरुवार की रात उनकी मौत हो गई.

पूर्व मुखिया पर आरोप

मृतक के भाई ने इस मामले में बताया कि पंचायत चुनाव में उसका भाई रंजीत वार्ड सदस्य चुना गया. इस चुनाव में घर के दूसरे सदस्य भी चुनाव लड़ रहे थे. इधर पूर्व मुखिया चुनाव में अपने हार का कारण रंजीत और परिवार के सदस्य को बता रहा था. इसी चुनावी रंजिश में जानबूझकर सड़क हादसा का रूप देकर उनके भाई की हत्या करवा दी गई.

“ट्रक से टक्कर मारकर हत्या”

मृतक के भाई का आरोप है कि जब रंजीत अपने एक और साथी के साथ बाइक से लौट रहा था तो उस वक्त ट्रक सड़क किनारे खड़ी थी. जैसे ही वह आगे बढ़ा कि पीछे से आकर ट्रक ने बाइक में जबरदस्त टक्कर मार दी. जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले में नूरसराय पुलिस अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करवाने की प्रक्रिया में जुट गई है.

मामले की जांच कर रही है पुलिस

इधर हत्या के लग रहे आरोपों पर थाना अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है. जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह सड़क हादसा है या साजिश के तहत हत्या कराई गई है. गांव में दो दिनों के भीतर दो लोगों की मौत से कोहराम मत गया है.मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

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FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.