बिहार

बिहार का यह समुदाय तैयार करता है प्योर सिल्क साड़ी, जो है देखने में लाजवाब

बिहार के बांका में ना केवल कोकून उत्पादन बल्कि सिल्क साड़ियों के लिए भी मशहूर है यहां के कुशल कारीगर कोकून से धागा तैयार कर स्वयं से सिल्क साड़ी तैयार करते हैं बांका में कई ऐसे गांव है जहां पीढ़ी रेट पीढ़ी लोग सिल्क साड़ी बनते आ रहा है बांका जिला के रजौन प्रखंड भीतर चकवीर गांव में भी बढ़े पैमाने पर साड़ी तैयार की जाती हैं

खास बात यह है कि इस गांव में मंसूरी समुदाय के लोग बसते हैं, जिनका पुस्तैनी कारोबार भी सिल्क आधारित ही है यहां मंसूरी समुदाय के 150 परिवार रहते हैं इस समुदाय के प्रत्येक घर में आपको हस्तकरघा या हैंडलूम की आवाज सुनाई देगी इस गांव में आकर आप प्योर सिल्क से बनी साड़ियां खरीद सकते हैं

मंसूरी समुदाय के लोग कई पीढियों से तैयार कर रहे हैं सिल्क साड़ी
सिल्क साड़ी बनाने वाले कारीगर मो शाहजहां अंसारी ने कहा कि चकवीर गांव में मंसूरी समुदाय के 150 परिवार वास करते हैं सभी कोकून से धागा निकालकर कटाई करने में भी दक्ष हैं उन्होंने कहा कि सिल्क साड़ी निर्माण करने में दो से तीन दिन का समय लग जाता है

साड़ी बनाने में मशीन का प्रयोग नहीं करते हैं उन्होंने कहा कि कोकून से धागा निकालने का काम कारीगर अपने पैर पर करते हैं कोकून से एक-एक रेशा निकालकर इसकी अच्छे से कटाई की जाती है इस विधि को फायरिंग भी कहते हैं फायरिंग के बाद धागे को भिगोने के बाद सूखाकर नल्ली यानी रील पर चढ़ाया जाता है इसके बाद उस धागे को हैंडलूम पर रखकर साड़ी का निर्माण किया जाता है

एक सिल्क साड़ी बनाने में 2500 तक आता है लागत
कारीगर मो शाहजहां अंसारी ने कहा कि इस गांव की महिलाएं धागा काटने का काम करती हैं वहीं पुरुष साड़ी का निर्माण करते हैं एक साड़ी को तैयार करने में 250 से 300 कोकून के धागे की आवश्यकता पड़ती है एक कोकून की मूल्य 8 रुपए आती है इसके अतिरिक्त एक साड़ी को बनाने में 350 से 400 मजदूरी लगाता है पूरी तरह से सिल्क साड़ी को तैयार करने में 2500 रुपए तक लागत आ जाती है जबकि 3 हजार तक में सेल कर दी जाती है यही साड़ी बाजार में 7 से 8 हजार तक में बिकती है उन्होंने कहा कि एक साड़ी पर 200 से 300 रुपए की बचत होती है यहां से साड़ी बिहार, झारखंड, बंगाल, सहित अन्य राज्यों में जाता है गवर्नमेंट की उदासीनता के चलते यह धंधा सिमटता जा रहा है गवर्नमेंट सहायता करे यहां की सिल्क साड़ी पूरी दुनियां छा सकता है

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