इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष, बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से

इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष, बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से

सरकार द्वारा सोमवार से शुक्रवार तक बुलाया गया पांच दिवसीय बिहार विधान मंडल का शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। विपक्ष ने सरकार को जहरीली शराब से चार जिलों में 50 से अधिक लोगों की हुई मौत पर घेरने की रणनीति तैयार की है। शादी समारोहों में पुलिस द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी की कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष आक्रोशित है। यही नहीं, विपक्ष सरकार से विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सत्र की अवधि बढ़ाने और चर्चा की मांग भी करेगा। इस बीच सरकार की ओर से दोनों सदन में पहले दिन यानि सोमवार को द्वितीय अनुपूरक बजट-2021-22 और बिहार तकनीकी सेवा आयोग अध्यादेश-2021 सदन की पटल रखा जाएगा। साथ ही अन्य जरूरी विधायी कार्य पर सदन से मंजूरी लेने की तैयारी है।

आखिरी में बोचहां विधायक मुसाफिर पासवान के निधन पर शोक प्रकाश को विधान मंडल के बिजनेस में शामिल किया गया है। 30 नवंबर व पहली दिसंबर के बीच राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य होंगे, जबकि दो दिसम्बर को वित्तीय वर्ष 2021-22 के द्वितीय अनुपूरक व्यय के विवरणी पर पर बहस के बाद मतदान होगा। इसके बाद विनियोग विधेयक पर भी मतदान कराए जाने के साथ तीन दिसम्बर को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य बिजनेस में शामिल किया गया है।

सेंट्रल हाल में होगी विधान मंडल दल की बैठक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को दोपहर 12.30 बजे एनडीए विधान मंडल दल की बैठक होगी। विधानसभा के सेंट्रल हाल में होने वाली बैठक में भाजपा, जदयू, हम और वीआइपी पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षदों को बुलाया गया है। सरकार सदन चलाने को लेकर रणनीति तय करेगी।

राबड़ी देवी के आवास पर राजद की बैठक

राजद विधान मंडल दल की बैठक सोमवार को चार बजे से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर बुलाई गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद उपस्थित रहेंगे। 

कांग्रेस विधान मंडल दल की बैठक आज

कांग्रेस की ओर से विधान मंडल दल के नेता अजित शर्मा के आवास पर सोमवार की शाम बैठक बुलाई गई है। विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्र ने बताया कि पार्टी जहरीली शराब से हुई मौतों और बगैर महिला पुलिस के दुल्हन के कमरे में पुलिस की छापेमारी को मुद्दा बनाएगी।


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.