बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

सरकारी विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों का पढ़ाई-लिखाई बेहतर हो, इसके लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों को पुस्तक खरीदने के लिए बैंक में खाता खोलाकर राशि भेजी गई। उन्हें समय पर पुस्तक मिले इसके लिए बीआरसी एवं सीआरसी स्तर पर कैंप लगाने की जिम्मेवारी एक पुस्तक कंपनी ने उठाया। लेकिन कंपनी ने दो-चार जगह पर ही कैंप लगाई। जिसके कारण सभी विद्यार्थियों के पास पुस्तक उपलब्ध नहीं हुआ। नगर निगम के 127 और नगर प्रखंड के 115 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवकों के द्वारा सर्वे कराया गया। इसमें 238 विद्यालय का रिपोर्ट केआरपी के पास जमा हुई। 238 विद्यालय में 52298 छात्र-छात्रा नामांकित हैं। इसमें 9915 विद्यार्थियों के पास नया पुस्तक उपलब्ध है। 5903 विद्यार्थियों के पास पुरानी पुस्तक है। 6019 विद्यार्थियों के पास कुछ नया और कुछ पुराना पुस्तक है। जबकि 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है।

छह माह बाद भी नहीं मिली पुस्तक 

गया सदर के 238 विद्यालय में नामांकित 52298 छात्र-छात्रा में 30461 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को मार्च माह में ही वर्गवार पुस्तक उपलब्ध करा देना था। लेकिन छह माह बाद भी 30461 विद्यार्थियों को पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इन बच्चों का पठन-पाठन कैसे होता होगा इसका आकलन आप भी लगा सकते हैं।


कैंप लगता तो बच्चे खरीद लेते पुस्तक

नगर प्रखंड के मध्य विद्यालय नीमा के शिक्षा सेवक ने कहा कि 316 विद्यार्थी नामांकित हैं। जिसमें 59 छात्र-छात्रा के पास पुस्तक है। जबकि 257 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त छात्र-छात्रा का कहना है कि अगर कैंप लगाकर पुस्तक दी जाए तो हमलोग पुस्तक खरीद लेगें। डुमरा प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी मो अजीम का कहना है कि हमारे विद्यालय में भी काफी बच्चों के पास पुस्तक नही है। बगैर पुस्तक के बच्चों का पढ़ाई-लिखाई सही से नहीं हो रहा है। बीआरसी में जाने के बाद जानकारी मिली थी कि कैंप लगाकर विद्यार्थियों को पुस्तक दिया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जिसके कारण बच्चों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। मध्य विद्यालय चौहर के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण प्रजापति का कहा कि किताब खरीदने के लिए कैंप नहीं लगी है। जिसके कारण विद्यार्थियों के पास पुस्तक नहीं है।


रखी जाएगी बात 

केआरपी दशरथ प्रसाद का कहना है कि गया सदर के 242 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवक के द्वारा सर्वे कराया गया। जिसमें 238 विद्यालय की रिपोर्ट आई। जहां 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को पुस्तक जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की बात संबंधित अधिकारियों से कही जाएगी।


पटना: झड़प के बाद धनरुआ में दशा तनावपूर्ण, एसपी बोले- गोलियां कहां से और कितनी चलीं, हो रही जांच

पटना: झड़प के बाद धनरुआ में दशा तनावपूर्ण, एसपी बोले- गोलियां कहां से और कितनी चलीं, हो रही जांच

पटना  पटना के धनरुआ में पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प के बाद दशा तनावपूर्ण बना हुआ है इसको देखते हुए ग्रामीण एसपी ने पटना से अलावा पुलिस बल बुलाया है पटना से दो बसों में 50 से अधिक पुलिस के जवान धनरुआ पहुंचकर मोर्चा थाम लिया गांव के चारों तरफ पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है

ग्रामीण एसपी ने बताया कि इस झड़प में 16 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं  सभी पुलिसवालों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है एसपी ने बोला कि पुलिस गांव में जायजा लेने गई थी  पुलिस वहां कई बार रेड कर चुकी है चुनाव प्रचार के लिए भी लोग वहां जुटे हुए थे पुलिस और लोगो के बीच मिस अंडरस्टैंडिंग के कारण ये घटना घटी  लोगों को कुछ और बताया गया, इसलिए वे उग्र हो गये

एसपी ने बताया कि झड़प में घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए PMCH भेजा गया है  सूचना मिली है एक आदमी की मृत्यु हुई है गोलियां कहां से और कितनी चली, इसकी जाँच हो रही है

झड़प में धनरुआ थानाप्रभारी का सिर फट गया है एक इंस्पेक्टर का पैर टूट गया है पुलिस और गांववालों के बीच गोलीबारी हुई है  दरअसल धनरूआ थानाक्षेत्र के मड़ियावा गांव में चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी प्रचार किया जा रहा था इसी सूचना पर पुलिस प्रचार रोकने के लिए गई थी इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की टीम को घेर कर हमला कर दिया लोगों से स्वयं को बचाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की इस झड़प में पुलिस के कई जवान जख्मी हो गये 3 ग्रामीणों को गोली लगी है