PM मोदी से मिले बिहार के मंत्री संतोष सुमन, कहा...

PM मोदी से मिले बिहार के मंत्री संतोष सुमन, कहा...

बिहार सरकार के अनुसूचित जाति-जनजाति कल्‍याण मंत्री संतोष कुमार सुमन (SC-ST Welfare Minister Santosh Kumar Suman) ने कहा है कि उनकी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) में उतरेगी। कितने सीटों पर पार्टी के उम्‍मीदवार उतारे जाएंगे यह चंद दिनों में सामने आ जाएगा। इसके पहले उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की। बताया कि उन्‍होंने राज्‍य के विकास के अलावा पारिवारिक मुद्दों पर पीएम से बात की।

एससी-एसटी के विकास के लिए पीएम संवेदनशील

मंत्री ने बुधवार को प्रधानमंत्री  से दिल्‍ली में मुलाकात की। उनसे मिलने के बाद मंत्री ने कहा कि पीएम के साथ राजनीतिक समेत राज्‍य के विकास के साथ ही पारिवारिक विषयों पर बातचीत हुई। इसका बेहतर नतीजा मिलेगा। अनुसूचित जाति-जनजाति के विकास के लिए पीएम संवेदनशील हैं। यूपी चुनाव में हमारी पार्टी भाग लेगी। राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष को पूरा डिटेल दिए हैं। आने वाले चार-पांच दिनों में सबकुछ क्लियर हो जाएगा। किसके साथ लड़ेगी और किसके विपक्ष में इसपर कोर कमेटी की बैठक में फैसला होगा। हमारी पार्टी इंडिपेंडेंट है।


एनडीए में कोई विवाद नहीं, कार्यकाल पूरा करेगी सरकार 

संतोष कुमार सुमन ने कहा कि एनडीए में कोई विवाद नहीं है। एक साथ रहने पर किसी बात पर मतांतर हो सकता है लेकिन इससे एनडीए की एकजुटता पर असर नहीं पड़ने वाला। यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि सीएम नीतीश कुमार जी के नेतृत्‍व में ही बिहार का विकास हो सकता है। उनकी तुलना में दूर-दूर तक दूसरा कोई नजर नहीं आता।  

जातीय जनगणना के मुद्दे पर बिहार की सियासत गरमाई हुई है। मंत्री संतोष कुमार सुमन के पिता पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने भी सरकार से इसकी मांग की है। इसमें विपक्षी दलों के सुर भी मिल रहे हैं। इस कारण से जदयू और भाजपा के कई नेताओंं के बयान से सियासत गर्म है।


बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

सरकारी विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों का पढ़ाई-लिखाई बेहतर हो, इसके लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों को पुस्तक खरीदने के लिए बैंक में खाता खोलाकर राशि भेजी गई। उन्हें समय पर पुस्तक मिले इसके लिए बीआरसी एवं सीआरसी स्तर पर कैंप लगाने की जिम्मेवारी एक पुस्तक कंपनी ने उठाया। लेकिन कंपनी ने दो-चार जगह पर ही कैंप लगाई। जिसके कारण सभी विद्यार्थियों के पास पुस्तक उपलब्ध नहीं हुआ। नगर निगम के 127 और नगर प्रखंड के 115 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवकों के द्वारा सर्वे कराया गया। इसमें 238 विद्यालय का रिपोर्ट केआरपी के पास जमा हुई। 238 विद्यालय में 52298 छात्र-छात्रा नामांकित हैं। इसमें 9915 विद्यार्थियों के पास नया पुस्तक उपलब्ध है। 5903 विद्यार्थियों के पास पुरानी पुस्तक है। 6019 विद्यार्थियों के पास कुछ नया और कुछ पुराना पुस्तक है। जबकि 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है।

छह माह बाद भी नहीं मिली पुस्तक 

गया सदर के 238 विद्यालय में नामांकित 52298 छात्र-छात्रा में 30461 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को मार्च माह में ही वर्गवार पुस्तक उपलब्ध करा देना था। लेकिन छह माह बाद भी 30461 विद्यार्थियों को पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इन बच्चों का पठन-पाठन कैसे होता होगा इसका आकलन आप भी लगा सकते हैं।


कैंप लगता तो बच्चे खरीद लेते पुस्तक

नगर प्रखंड के मध्य विद्यालय नीमा के शिक्षा सेवक ने कहा कि 316 विद्यार्थी नामांकित हैं। जिसमें 59 छात्र-छात्रा के पास पुस्तक है। जबकि 257 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त छात्र-छात्रा का कहना है कि अगर कैंप लगाकर पुस्तक दी जाए तो हमलोग पुस्तक खरीद लेगें। डुमरा प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी मो अजीम का कहना है कि हमारे विद्यालय में भी काफी बच्चों के पास पुस्तक नही है। बगैर पुस्तक के बच्चों का पढ़ाई-लिखाई सही से नहीं हो रहा है। बीआरसी में जाने के बाद जानकारी मिली थी कि कैंप लगाकर विद्यार्थियों को पुस्तक दिया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जिसके कारण बच्चों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। मध्य विद्यालय चौहर के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण प्रजापति का कहा कि किताब खरीदने के लिए कैंप नहीं लगी है। जिसके कारण विद्यार्थियों के पास पुस्तक नहीं है।


रखी जाएगी बात 

केआरपी दशरथ प्रसाद का कहना है कि गया सदर के 242 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवक के द्वारा सर्वे कराया गया। जिसमें 238 विद्यालय की रिपोर्ट आई। जहां 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को पुस्तक जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की बात संबंधित अधिकारियों से कही जाएगी।