अब एक रिंग बढ़ाएगी परेशानी, शराब पीने वालों के खिलाफ बिहार सरकार का बड़ा प्लान

अब एक रिंग बढ़ाएगी परेशानी, शराब पीने वालों के खिलाफ बिहार सरकार का बड़ा प्लान

शराबबंदी से जुड़ी शिकायत के लिए चलाया जा रहा काल सेंटर अगले तीन-चार दिनों में सचिवालय स्थित मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में शिफ्ट हो जाएगा। फिलहाल यह बेल्ट्रान परिसर में चल रहा है। इसके लिए विभागीय परिसर में जगह के साथ अन्य तकनीकी तैयारी शुरू कर दी गई है। मद्य निषेध अधिकारियों के अनुसार, सचिवालय में शुरू होने वाले काल सेंटर के नए कंट्रोल रूम में फोन लाइन की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि शिकायत करने वालों को लाइन व्यस्त न मिले। इसके लिए काल सेंटर की लाइन को 10 से दोगुना कर 20 करने की तैयारी है। इसके लिए लीज लाइन सहित आपरेटर की पूरी व्यवस्था बेल्ट्रान करेगा। हेल्पलाइन नंबर 15545 और 1800-345-6268 पर 24 घंटे शिकायत दर्ज हो, इसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त कर्मियों की जरूरत हो तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी। 

- मद्य निषेध विभाग में शिफ्ट होगा काल सेंटर, बढ़ेगी लाइन
- नहीं करना होगा इंतजार, एक बार में 20 कॉल होंगे अटेंड
- अभी बेल्ट्रान में चल रहा है कंट्रोल रूम
- इस हेल्पलाइन नंबर पर 24 घंटे दर्ज कर सकते हैं 15545 और 1800-345-6268 
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश

शराब को लेकर आने वाली हर शिकायत को रजिस्टर पर नोट किया जाएगा और तुरंत इसे संबंधित जिले के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए ट्रांसफर किया जाएगा। हर दिन मिलने वाली शिकायतों की समीक्षा भी होगी। शिकायतों पर कार्रवाई हुई या नहीं, इसकी भी मानीटरिंग की जाएगी। 

सख्ती के बाद बढ़ गईं शिकायतें

पिछले दो सप्ताह में शराबबंदी को लेकर शिकायतें बढ़ गई हैं। खासकर मुख्यमंत्री की 16 नवंबर को शराबबंदी को लेकर की गई समीक्षा बैठक के बाद करीब दोगुने फोन आ रहे हैं। शिकायतकर्ता का भरोसा बनाए रखने के लिए शिकायतों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत या सुझाव देने वालों की पहचान भी गुप्त रखी जा रही है। 


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.