FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.


उपमुखिया पर पत्नी की हत्या का आरोप

उपमुखिया पर पत्नी की हत्या का आरोप

बगहा में नवविवाहिता की दहेज के लिए मर्डर कर दी गई. तीन माह पूर्व ही वाल्मीकीनगर के गनौली की प्रियंका की विवाह चौतरवा के नदवा के अनिल गुप्ता के साथ हुई थी. अनिल साह हरदी नदवा पंचायत का उपमुखिया है. विवाह के बाद से ही दहेज में बकाया के नाम पर 5 लाख रुपए की मांग की जा रही थी. इस बीच प्रियंका को प्रताड़ित भी किया जाता रहा.

महिला के परिजनों का आरोप है कि ससुरालवालों ने गला दबाकर मर्डर कर दी है. इधर, उपचार कराने लाए ससुराल पक्ष के लोग डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद मृत शरीर छोड़कर फरार हो गए. हालांकि पुलिस ने स्त्री के पति को अरैस्ट कर लिया है. परिजनों ने 8 सदस्यों के विरूद्ध FIR दर्ज कराई है.

5 फरवरी को हुई थी शादी
महिला की विवाह हरदी नदवा गांव के स्वर्गीय नंदलाल साह के पुत्र अनील साह से हुई थी. परिजनों ने बताया कि 5 फरवरी को पूरे रीति रिवाज के साथ दोनों ने 7 फेरे लिए थे और उनसे दहेज के रूप में चार पहिया वाहन की डिमांड की जा रही थी. अचानक बुधवार की रात उन्हें दामाद द्वारा सूचना मिली कि बेटी की तबीयत खराब है और उसे हरनाटांड उप स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया है. जबकि लड़की उसी समय मृत हालत में थी.

लड़की के पिता भोला साह का बोलना है कि दामाद ने फोन कर के बताया था. जब वे लोग पहुंचे तो मृत बेटी प्रियंका कुमारी के गले पर निशान पाया, जिससे प्रतीत हुआ कि उसकी गला दबाकर मर्डर की गई है. पुलिस ने दामाद को अरैस्ट कर लिया है और पूछताछ जारी है.

मृतका की फाइल फोटो.

मायके पक्ष के लोग पहुंचे तो ससुराल पक्ष हुआ फरार
हरदी नदवा से उपचार के लिए रास्ते में पड़ने वाले अनुमंडलीय हॉस्पिटल में ले जाने की बजाय आरोपी ससुराल वाले मृतका के गांव के पास हरनाटांड लेकर गए. जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया. इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग मृत शरीर छोड़ फरार हो गए. रात्रि करीब एक बजे मायके पक्ष के लोग आए और पुलिस को सूचना दी. इसके बाद क्षेत्रीय पुलिस ने मृत शरीर को अनुमंडलीय हॉस्पिटल भेज दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल