Covid-19: बिहार में ब्लैक फंगस से अब तक 76 की मौत

Covid-19: बिहार में ब्लैक फंगस से अब तक 76 की मौत

 बिहार में ब्लैक फंगस संक्रमण (Black Fungus Infection) से रविवार तक 76 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि इस रोग से ग्रसित 333 मरीज इलाजरत हैं स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने यह जानकारी दी विभाग के मुताबिक, बिहार (Bihar) में ब्लैक फंगस (काला कवक) के अबतक 562 मुद्दे प्रकाश में आए हैं, जिनमें से आठ मुद्दे पिछले 24 घंटे के भीतर सामने आए हैं प्रदेश में ब्लैक फंगस से पीड़ित 153 मरीज अबतक ठीक हुए, जिनमें पिछले 24 घंटे के भीतर ठीक हुए चार मरीज भी शामिल हैं इससे पीड़ित 76 मरीज की अबतक मृत्यु हो चुकी है जिनमें पिछले 24 घंटों के दौरान तीन मरीजों की मृत्यु हुई है

पटना एम्स के कोविड प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमार ने बताया कि उनके हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस के अबतक 148 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से वर्तमान में 114 इलाजरत हैं पटना शहर स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के अधीक्षक डॉक्टर मनीष मंडल ने बताया कि उनके हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस के अबतक 186 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से वर्तमान में 114 इलाजरत हैं उन्होंने बताया कि 12 जून को आईजीआईएमएस में एक बुजुर्ग मरीज के मस्तिष्क का पास ऑपरेशन कर ब्लैक फंगस को निकाला गया इस ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले आईजीआईएमएस के न्यूरो सर्जन डॉक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि जमुई के रहने वाले अनिल कुमार (60) को दौरा पड़ रहा था वह बेहोश हुए जा रहे थे, जिसके कारण उनकी स्थिति गंभीर थी

मरीज खतरे से बाहर है

उन्होंने बताया कि अनिल कुमार के मस्तिष्क में दो हफ्ते में ही ब्लैक फंगस इतना बड़ा हो गया दो हफ्ते पूर्व उन्हे कठिनाई हुई थी, जिसके बाद परिजन उनका उपचार घर पर ही करा रहे थे जब वह आईजीआईएमएस लेकर आये तो पता चला कि ब्लैक फंगस है मस्तिष्क में जाल बनाने वाले इस फंगस के कारण मरीज को मिग्री आ रही थी और वह बेहोशी की हालत में था डॉक्टर ब्रजेश ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का फैसला लिया उन्होंने बताया कि आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने तीन घंटे लंबे ऑपरेशन में मरीज के मस्तिष्क से क्रिकेट की बॉल से भी बड़े आकार का ब्लैक फंगस निकाला है फिलहाल, मरीज खतरे से बाहर है
इस केस में ऐसा नहीं हुआ है

उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन बहुत ज्यादा जटिल था क्योंकि मस्तिष्क में ब्लैक फंगस ने बहुत ज्यादा जाल फैला लिया था ब्लैक फंगस नाक और आंखों को थोड़ा छूते हुए मस्तिष्क में आगे की तरफ पहुंच गया था जहां यह तेजी से फैल गया था डॉक्टर मनीष मंडल ने बताया कि मरीज अनिल कुमार की आंखे बच गई हैं क्योंकि फंगस से आंखों को अधिक नुकसान नही पहुंचा नाक के रास्ते फंगस मस्तिष्क में पहुंचा है अमूमन ब्लैक फंगस मस्तिष्क तक पहुंचने से पहले आंखों को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन इस केस में ऐसा नहीं हुआ है


बिहार में Unlock से जुड़ी सबसे बड़ी खबर- कब खुलेंगे छोटी कक्षाओं के स्‍कूल व मंदिर-मस्जिद, फैसला आज

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बिहार में कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) के लगातार घटते मामलों को देखते हुए सरकार लॉकडाउन (Bihar Lockdown) के प्रावधानों को धीरे-धीरे हटाती जा रही है। इसकी अगली कड़ी में आगे क्‍या रियायतें दी जाएं, इसपर विचार करने के लिए बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह (Crisis Management Group) की बैठक बुलाई गई है। इस अहम बैठक में सरकार मंदिर-मस्जिद सहित तमाम धर्मस्‍थल (Places of Religious Worship) खोलने तथा छोटी कक्षाओं के स्कूलों (Schools of small classes) में ऑफलाइन पढ़ाई आरंभ करने को लेकर विचार मंथन करेगी। इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने मंगलवार को खुद कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर कोविड प्रोटोकाल के पालन की हकीकत जानी थी। उम्मीद है कि अनलाक- 5 (Unlock- 5) के अगले चरण में कुछ और छूटें मिल सकती हैं।


अनलाक- 5 में और ढील देने के मूड में दिख रही सरकार

कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही सरकार अनलाक- 5 में और ढील देने के मूड में दिख रही है। इसपर बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में विचार किया जाएगा। इसके पहले मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण ने बीते शुक्रवार को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस कर उनसे फीडबैक लिए थे। बताया जाता है कि जिलों से प्रतिबंधों के साथ और छूटें देने का फीडबैक मिला। जिलाधिकारियों ने कोरोना सं बचाव की गाइडलाइन की शर्तों के साथ छोटे बच्‍चों के स्‍कूल व मंदिर-मस्जिद आदि धर्मस्‍थल खोलने पर भी सहमति दी है। जिलाधिकारियों ने कोरोना जांच व टीकाकरण की संख्या बढ़ाने की भी जानकारी दी।


अनलाक-4 के तहत छह अगस्‍त तक ये छूटें हैं प्रभावी

विदित हो कि इसके पहले सात जुलाई से छह अगस्त तक प्रभावी अनलाक- 4 में 11वीं से 12वीं तक के स्कूलों के साथ सभी विश्वविद्यालय, कालेज व तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान 50 फीसद उपस्थिति के साथ खोले जा चुके हैं। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रतियोगिता परीक्षाओं के आयोजन को भी अनुमति दी जा चुकी है। सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय भी सामान्य रूप से खुल चुके हैं। नाइट कर्फ्यू रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक जारी है। इनके अलावा क्लब, जिम और स्विमिंग पुल भी 50 फीसद क्षमता के साथ खुल चुके हैं। स्टेडियम और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स केवल अभ्यास के लिए खोले गए हैं। 50 फीसद क्षमता के साथ रेस्टोरेंट भी चलने लगे हैं। अब नजरें इसके आगे की छूटों पर लगी हैं।