CM नीतीश ने इतने महीने में 6 करोड़ लोगों के टीकाकरण दिया टारगेट

CM नीतीश ने इतने महीने में 6 करोड़ लोगों के टीकाकरण दिया टारगेट

कोविड-19 संक्रमण के थर्ड वेव की संभावना के बीच बिहार सरकार बिहार में जल्द से जल्द जनता को ज़्यादा से ज़्यादा टीकाकरण करवाने की मुहिम में जुट गयी है स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा मीटिंग में सीएम नीतीश कुमार ने ऑफिसरों को लक्ष्य दे दिया है कि अगले छह महीने में छह करोड़ लोगों का टीकाकरण किसी भी क़ीमत पर हो जाना चाहिए  मुख्यमंत्री ने बोला कि लोगों को टीका लगाने के कार्य में जितने सरकारी कर्मचारियों की आवश्यकता है, उतने लोगों को लगाया जाना चाहिए उन्होंने इस मामले में जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत बताई

बता दें कि अद्यतन आंकड़े के अनुसार बिहार में लगभग 13 करोड़ की आबादी में अब  तक महज 1  करोड़ 30  लाख  लोगों का ही  टीकाकरण  कराया जा सका है अब अगले छह  महीने में 6 करोड़  लोगों  का टीकाकरण कराना है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऑफिसरों को बोला की लोगों  को  प्रेरित  करें  कि  वे  अपना  टीका लगवायें,  अपने परिवार  का  टीका  लगवायें  और  पड़ोसियों को  भी टीका लगवाने के लिये प्रेरित करें कोई टीकाकरण की इस मुहिम से छूट ना जाए इसके लिए पंचायत  स्तर,  वार्ड  स्तर  पर  माइक्रो लेवल प्लानिंग करें ताकि कोई भी टीका  लगवाने से नहीं छूटे

सीएम नीतीश ने बोला कि कोविड-19   संक्रमण की दर में गिरावट आयी है लेकिन कोविड-19 संक्रमण  की  जांच  में और तेजी लायें और इसके लिए टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण काम को  बेहतर ढ़ंग से करते रहना है नीतीश कुमार ने बोला कि जब वो पटना में आकस्मित से ये जानने के लिए निकले थे कि पटना में अनलौक 1 के बाद क्या तस्वीर है तो कई लोग बिना मास्क के दिख रहे थे ऐसे लोगों को  कोविड-19 संक्रमण  के  प्रति सचेत करना है साथ ही सभी  को मास्क  का उपयोग जरूर  करना है

स्वास्थ्य के क्षेत्र में संरचनात्मक ढांचे के निर्माण के साथ-साथ कई बेहतर काम किये गये हैं,  जिसका  रिज़ल्ट है कि हेल्थ सेंटर पर उपचार कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है   हमलोगों का उद्देश्य है कि  विवशता में उपचार के लिये बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े समीक्षा मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सहित मुख्य सचिव, विकास आयुक्त सहित कई वरीय ऑफिसर उपस्थित थे मीटिंग 1 अणे  मार्ग  स्थित संकल्प में हुई


बिहार में Unlock से जुड़ी सबसे बड़ी खबर- कब खुलेंगे छोटी कक्षाओं के स्‍कूल व मंदिर-मस्जिद, फैसला आज

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बिहार में कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) के लगातार घटते मामलों को देखते हुए सरकार लॉकडाउन (Bihar Lockdown) के प्रावधानों को धीरे-धीरे हटाती जा रही है। इसकी अगली कड़ी में आगे क्‍या रियायतें दी जाएं, इसपर विचार करने के लिए बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह (Crisis Management Group) की बैठक बुलाई गई है। इस अहम बैठक में सरकार मंदिर-मस्जिद सहित तमाम धर्मस्‍थल (Places of Religious Worship) खोलने तथा छोटी कक्षाओं के स्कूलों (Schools of small classes) में ऑफलाइन पढ़ाई आरंभ करने को लेकर विचार मंथन करेगी। इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने मंगलवार को खुद कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर कोविड प्रोटोकाल के पालन की हकीकत जानी थी। उम्मीद है कि अनलाक- 5 (Unlock- 5) के अगले चरण में कुछ और छूटें मिल सकती हैं।


अनलाक- 5 में और ढील देने के मूड में दिख रही सरकार

कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही सरकार अनलाक- 5 में और ढील देने के मूड में दिख रही है। इसपर बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में विचार किया जाएगा। इसके पहले मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण ने बीते शुक्रवार को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस कर उनसे फीडबैक लिए थे। बताया जाता है कि जिलों से प्रतिबंधों के साथ और छूटें देने का फीडबैक मिला। जिलाधिकारियों ने कोरोना सं बचाव की गाइडलाइन की शर्तों के साथ छोटे बच्‍चों के स्‍कूल व मंदिर-मस्जिद आदि धर्मस्‍थल खोलने पर भी सहमति दी है। जिलाधिकारियों ने कोरोना जांच व टीकाकरण की संख्या बढ़ाने की भी जानकारी दी।


अनलाक-4 के तहत छह अगस्‍त तक ये छूटें हैं प्रभावी

विदित हो कि इसके पहले सात जुलाई से छह अगस्त तक प्रभावी अनलाक- 4 में 11वीं से 12वीं तक के स्कूलों के साथ सभी विश्वविद्यालय, कालेज व तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान 50 फीसद उपस्थिति के साथ खोले जा चुके हैं। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रतियोगिता परीक्षाओं के आयोजन को भी अनुमति दी जा चुकी है। सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय भी सामान्य रूप से खुल चुके हैं। नाइट कर्फ्यू रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक जारी है। इनके अलावा क्लब, जिम और स्विमिंग पुल भी 50 फीसद क्षमता के साथ खुल चुके हैं। स्टेडियम और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स केवल अभ्यास के लिए खोले गए हैं। 50 फीसद क्षमता के साथ रेस्टोरेंट भी चलने लगे हैं। अब नजरें इसके आगे की छूटों पर लगी हैं।