बिहार में कोविड-19 ! सामने आएं इतने नए मामले, बच्ची समेत इतने लोगों की मौत

बिहार में कोविड-19 ! सामने आएं इतने नए मामले, बच्ची समेत इतने लोगों की मौत

बिहार में सोमवार को कोरोना वायरस से 4,737 नए मामले सामने आए और छह साल की बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। 



सीएम नीतीश कुमार उनके मंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, अशोक चौधरी, शाहनवाज हुसैन और सुनील कुमार के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि ताजा मामलों के बाद राज्य में कोरोना वायरस के सक्रिय मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 20,938 हो गई है, जबकि मौतों की संख्या बढ़कर 12,106 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया है कि सोमवार को संक्रमण के नए मामलों की संख्या राज्य में रविवार को दर्ज किए गए 5022 मामलों से कम थी।

जानकारी के अनुसार, राज्य की राजधानी पटना में सोमवार को कोविड-19 के 2566 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि रविवार को यहां 2,108 नए मामले दर्ज हुए थे। यह एक दिन दर्ज हुए मामलों की अब तक की सबसे अधिक संख्या है। बिहार सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों और फ्रंटलाइन वर्कर्स और बुजुर्गों को कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर खुराक देना शुरू किया है। बुलेटिन में कहा गया है कि रविवार को राज्य का कुल केस लोड 7,50,137 था।

सोमवार को दर्ज की गई सभी पांच मौतें पटना शहर में ही हुई हैं। इनमें से तीन पटना एम्स में और एक-एक पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में दर्ज हुई। पटना एम्स में कोरोना की वजह से छह साल की बच्ची की मौत हुई। यहां उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया था और शनिवार को उसका कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को उसकी मौत हो गई। अधिकारी ने कहा कि एक 50 वर्षीय व्यक्ति जिसका पटना एम्स में ही गुर्दे का ऑपरेशन हुआ था, उसकी जांच रिपोर्ट भी सकारात्मक आई थी और बीते रविवार को उसकी मृत्यु हो गई थी।

राज्य में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के एक मामले की पुष्टि हुई है। एक अधिकारी ने कहा कि पिछले 24 घंटों में 691 लोगों ने महामारी को मात दी है और वह अब इससे उबर चुके हैं। इसके साथ ही राज्य में अब तक कुल 71,70,92 लोग ठीक हुए हैं। रविवार को रिकवरी रेट 96.11 फीसदी था।

गया में सक्रिय मामलों की संख्या 1,119 है, इसके बाद मुजफ्फरपुर में 956, बेगूसराय में 602 और सारण में 471 मामले हैं। अधिकारी ने कहा कि सोमवार को सकारात्मकता दर 3.13 प्रतिशत थी, जो शनिवार तक दो प्रतिशत से भी कम थी। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में 1.51 लाख नमूनों सहित अब तक कुल 6.25 करोड़ नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

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FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.