बिहार में 15 अगस्त के बाद पंचायत चुनाव की घोषणा! जानिए क्‍या है प्‍लान

बिहार में 15 अगस्त के बाद पंचायत चुनाव की घोषणा! जानिए क्‍या है प्‍लान

बिहार में पंचायत चुनाव के तारीखों (Dates of Bihar Panchayat Election) की घोषणा 15 अगस्‍त के बाद कभी भी की जा सकती है। इसकी तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने विभिन्‍न जिलों से मतदान के शेड्यूल (Voting Schedule) मंगाने व उन्‍हें स्‍वीकृत करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों (Flood Affected Areas) में मतदान अंतिम चरण में होगा।

एम-2 ईवीएम से कराए जाएंगे चार पदों पर मतदान

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार बिहार में मुखिया (Mukhiya), ग्राम पंचायत सदस्य (Gram Panchayat Member), पंचायत समिति सदस्य (Panchayat Samiti Member) और जिला परिषद सदस्य (Zila Parishad Member) के चार पदों पर मतदान एम-2 ईवीएम (M-2 EVM) के माध्यम से कराए जाएंगे। आयोग ने प्रत्‍याशियों (Candidates) की सूची तैयार होने के 48 घंटे के अंदर बैलेट पेपर की छपाई सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है। इसके लिए पहले से ही प्रिंटिंग प्रेस को नियमानुसार चिह्नित करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव को लेकर छपाई जिला स्तर पर करायी जानी है।


डीएम को जल्‍दी चुनाव की तैयारियां करने का निर्देश

विदित हो कि हाल में ही राज्य निर्वाचन आयुक्त डा. दीपक प्रसाद ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) को निर्देश दिया था कि वे पंचायत चुनाव की तैयारियां जल्‍दी पूरी करें। जिन जिलों में आरक्षण को लेकर अभी तक अंतिम रूप से त्रुटि दूर नहीं की गयी है, वहां उन्‍होंने एक सप्ताह का वक्‍त दिया था।

कई चरणों में होंगे चुनाव, 15 अगस्‍त के बाद घोषणा


राज्य निर्वाचन आयोग कई चरणों में पंचायत चुनाव कराने की स्‍वीकृति दी है। इसके बाद विभिन्‍न जिलों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सूत्रों की मानें तो बिहार में पंचायत चुनाव के तारीखों की घोषणा 15 अगस्‍त के बाद हो जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार, राज्‍य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों से मतदान के शेड्यूल मंगाकर उसे स्‍वीकृत करना आरंभ कर दिया है। जो क्षेत्र बाढ़ प्रभावित नहीं हैं, वहां पहले मतदान होंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अंतिम चरण में मतदान होंगे। ऐसी व्‍यवस्‍था राज्‍य के सभी जिलों में की जाएगी।


बिहार की शिक्षा व्‍यवस्‍था पर उठे सवाल, गया सदर के स्‍कूलों में बगैर पुस्तक पढ़ रहे 30 हजार विद्यार्थी

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सरकारी विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों का पढ़ाई-लिखाई बेहतर हो, इसके लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों को पुस्तक खरीदने के लिए बैंक में खाता खोलाकर राशि भेजी गई। उन्हें समय पर पुस्तक मिले इसके लिए बीआरसी एवं सीआरसी स्तर पर कैंप लगाने की जिम्मेवारी एक पुस्तक कंपनी ने उठाया। लेकिन कंपनी ने दो-चार जगह पर ही कैंप लगाई। जिसके कारण सभी विद्यार्थियों के पास पुस्तक उपलब्ध नहीं हुआ। नगर निगम के 127 और नगर प्रखंड के 115 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवकों के द्वारा सर्वे कराया गया। इसमें 238 विद्यालय का रिपोर्ट केआरपी के पास जमा हुई। 238 विद्यालय में 52298 छात्र-छात्रा नामांकित हैं। इसमें 9915 विद्यार्थियों के पास नया पुस्तक उपलब्ध है। 5903 विद्यार्थियों के पास पुरानी पुस्तक है। 6019 विद्यार्थियों के पास कुछ नया और कुछ पुराना पुस्तक है। जबकि 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है।

छह माह बाद भी नहीं मिली पुस्तक 

गया सदर के 238 विद्यालय में नामांकित 52298 छात्र-छात्रा में 30461 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को मार्च माह में ही वर्गवार पुस्तक उपलब्ध करा देना था। लेकिन छह माह बाद भी 30461 विद्यार्थियों को पुस्तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इन बच्चों का पठन-पाठन कैसे होता होगा इसका आकलन आप भी लगा सकते हैं।


कैंप लगता तो बच्चे खरीद लेते पुस्तक

नगर प्रखंड के मध्य विद्यालय नीमा के शिक्षा सेवक ने कहा कि 316 विद्यार्थी नामांकित हैं। जिसमें 59 छात्र-छात्रा के पास पुस्तक है। जबकि 257 विद्यार्थियों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त छात्र-छात्रा का कहना है कि अगर कैंप लगाकर पुस्तक दी जाए तो हमलोग पुस्तक खरीद लेगें। डुमरा प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी मो अजीम का कहना है कि हमारे विद्यालय में भी काफी बच्चों के पास पुस्तक नही है। बगैर पुस्तक के बच्चों का पढ़ाई-लिखाई सही से नहीं हो रहा है। बीआरसी में जाने के बाद जानकारी मिली थी कि कैंप लगाकर विद्यार्थियों को पुस्तक दिया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जिसके कारण बच्चों के पास एक भी पुस्तक नहीं है। मध्य विद्यालय चौहर के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण प्रजापति का कहा कि किताब खरीदने के लिए कैंप नहीं लगी है। जिसके कारण विद्यार्थियों के पास पुस्तक नहीं है।


रखी जाएगी बात 

केआरपी दशरथ प्रसाद का कहना है कि गया सदर के 242 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में शिक्षा सेवक के द्वारा सर्वे कराया गया। जिसमें 238 विद्यालय की रिपोर्ट आई। जहां 30461 छात्र-छात्रा के पास एक भी पुस्तक नहीं है। उक्त विद्यार्थियों को पुस्तक जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की बात संबंधित अधिकारियों से कही जाएगी।