तलाक के बाद बन गई बात, पटना के डाक्टर पति-पत्नी फिर हो गए एक

तलाक के बाद बन गई बात, पटना के डाक्टर पति-पत्नी फिर हो गए एक

तीन तलाक और बच्चों को प्रताड़ित करने के मामले में महिला थाना पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए बोरिंग रोड निवासी डाक्टर और उनकी पत्नी के बीच समझौता हो गया है। पुलिस की काउंसलिंग के बाद पत्नी ने अपने आरोप वापस ले लिए। जिसके बाद मामले को रफा-दफा कर दिया गया। महिला थाना प्रभारी कुमारी सहचरी ने इसकी पुष्टि की है। मामले में एक दिन पहले ही महिला ने थाने में शिकायक की थी।    

पत्नी द्वारा तीन तलाक और बच्चों को प्रताड़ित करने की शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने शनिवार को डाक्टर को हिरासत में लिया था। रात भर थाने में रखने के बाद रविवार को डाक्टर और उनकी पत्नी के बीच समझौता हो गया। पति और पत्नी दोनों डाक्टर हैं। 13 वर्ष पहले उनका प्रेम विवाह हुआ था। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। शादी के कुछ वर्ष बाद ही डाक्टर दंपति के बीच कलह शुरू हो गई थी।

डाक्टर ने पत्नी को 2019 में दे दिया था तीन तलाक

विवाद के कारण वर्ष 2019 में डाक्टर ने पत्नी को तीन तलाक दे दिया था। इसके बाद उनकी पत्नी ने इसकी शिकायत बिहार राज्य महिला आयोग में की थी। महिला ने पति द्वारा खुद और बच्चों को प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। महिला आयोग द्वारा काउंसलिंग के बाद भी दंपति के बीच समझौता नहीं हुआ था। इसी बीच 2020 में महिला आयोग भंग हो जाने के कारण डाक्टर की पत्नी ने दोबारा शनिवार को इसकी शिकायत महिला हेल्पलाइन में की। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया था। बता दें कि शनिवार को ही तीन तलाक और बच्चों को प्रताड़ित करने के मामले में पटना के बोरिंग रोड निवासी डाक्टर को महिला थाना पुलिस ने हिरासत में लिया था। शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। 


FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, इन कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों के भी नाम शामिल

FIR on Khan Sir: छात्रों को भड़काने के आरोप में खान सर के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज किया गया. पटना के पत्रकार नगर थाना की पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान के आधार पर खान सर समेत एसके झा सर, नवीन सर, अमरनाथ सर, गगन प्रताप सर, गोपाल वर्मा सर पर हिंसा भड़काने और साजिश करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

पुलिस की मानें तो प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए किशन कुमार, रोहित कुमार, राजन कुमार और विक्रम कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि खान सर समेत अन्य ने छात्रों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था.

इन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज 

इसी बयान के आधार पर पटना के विभिन्न कोचिंग संचालकों और अज्ञात तीन-चार सौ लोगों को षड्यंत्र के तहत नाजायज मजमा बनाकर सड़क मार्ग को बाधित करने, दण्डाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपमानित करने, तोड़फोड़ करने और यातायात व लोकमार्ग को बाधित करने आदि के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा- 147/ 148/ 149/ 151/ 152/ 186/ 187/ 188/ 323/ 332/ 353/ 504/ 506/ 120 (B) के अंतर्गत आरोपित किया गया है.खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी लेकिन मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था.उन्होंने आरोप लगाया की RRB की वजह से घटनाएं हुईं. सुनिए क्या कहा.

खान सर ने दी थी सफाई

बता दें कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर दोपहर से ही अफवाह के रूप में चल रही थी. लेकिन उन्होंने खुद पर मुकदमा होने से पहले खुद को बेगुनाह बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि आरआरबी की वजह से घटनाएं हुईं है. उन्होंने कहा था कि सबसे बड़ी समस्या यह आई कि 24 जनवरी को जब राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 500 के करीब एनटीपीसी के छात्र हंगामा कर रहे थे, तभी आरआरबी ने ग्रुप डी वालों के लिए तीन बजे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया. एनटीपीसी के छात्र सोच रहे थे कि कुछ अच्छी सूचना मिलेगी. लेकिन आरआरबी की नोटिफिकेशन ने आग में घी डालने का काम किया. बोर्ड का नोटिफिकेशन ग्रुप डी वालों के लिए था. नोटिफिकेशन में बताया गया था कि ग्रुप-डी के अभ्यर्थियों का अब मेंस एग्जाम लिया जाएगा.

ग्रुप डी वाले भी करने लगे हंगामा

ऐसे में ग्रुप डी के सिंगल एग्जाम वाले जो डेढ़ करोड़ छात्र हैं, जो एनटीपीसी छात्रों का हंगामा मीडिया के माध्यम से देख रहे थे, वे लोग परीक्षा की बात से उग्र हो गए और एनटीपीसी के छात्रों के साथ शामिल हो गए. अब जो हंगामा हो रहा है उनमें ग्रुप डी के ज्यादा छात्र हैं. यह सारी गलती आरआरबी की है. खान सर ने कहा कि पहले ही एनटीपीसी गलती कर चुका था, जिससे छात्र गुस्से में थे. उसी वक्त आरआरबी ने नोटिफिकेशन जारी कर हंगामे को और बढ़ा दिया. हालांकि, अब आरआरबी ने परीक्षा स्थगित कर दिया है.